Hiroshima kavita ka subjectiveहिरोशिमा कविता के प्रश्न उत्तर

 Hiroshima kavita ka subjective question - हिरोशिमा कविता का सब्जेक्टिव क्वेश्चन

इस लेख में Hiroshima kavita ka subjective question - हिरोशिमा कविता का सब्जेक्टिव क्वेश्चन दिया गया है। 

अगर आप Class 10th में है और बिहार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो इसे जरुर पढ़ें।

क्योंकि इसमें कक्षा दसवीं हिंदी गोधूली भाग 2 के काव्यखण्ड पाठ - 7 Hiroshima kavita ka subjective question - हिरोशिमा कविता का सब्जेक्टिव क्वेश्चन दिया गया है। जो आपके बोर्ड परीक्षा में पूछे जा सकते है तो अपने तैयारी को बेहतर बनाने के लिए नीचे दिए गए सभी प्रश्नों को अवश्य पढ़ें।

Bihar board class 10th hindi subjective question

Hiroshima kavita ka subjective question
Hiroshima kavita ka question answer 


1. कविता के प्रथम अनुच्छेद मे निकलने वाला सूरज क्या है? वह कैसे निकलता है?

उत्तर: कविता के प्रथम अनुच्छेद में निकलने वाला सूरज हिरोशिमा पर गिरनेवाला परमाणु बम है। जब वह निकलता है तो प्रलयकारी दृश्य उपस्थित कर देता है।

2. छागाएँ दिशाहीन सब ओर क्यों पड़ती है ? स्पष्ट करें।

उत्तर: जब कही भी परमाणु बम गिरता है तो सब जलने लगता है मानो प्रलयकारी सूर्य सबको सोख रहा है। सब वाष्प बनकर उड़ जाते है और उस की छायाप दिशाहीन चारो तरफ पड़ती है।

3. प्रज्वलित क्षण की दोपहरी से कवि का आशय क्या है? उत्तर: प्रज्वलित क्षण की दोपहरी से कवि का आशय है कि जिस प्रकार दोपहर का सुर्य प्रचंड गर्मी। उगलता है उसी प्रकार परमाणु बम गिरने के बाद ठीक वैसा ही दृश्य दिखाई पड़ता है।

4. मनुष्य की छायाएँ कहा और क्यों पड़ी हुई है?

उत्तर: मनुष्य की छायाएँ हिरोशिमा क्षेत्र मे झुलसे हुए पत्थरों पर तथा उजड़ी हुई सड़को की गच पर पड़ी हुई है। क्योंकि वे ही उस मनुष्य की साखी है।

5. हिरोशिमा में मनुष्य की साखी के रूप मे क्या है? 

उत्तर: हिरोशिमा में मनुष्य की साखी के रूप मे वहाँ की झुलसी हुई पत्थर तथा उजड़ी हुई सड़‌को की गच है।


6. व्याख्या करें -
(क) 'मानव का रचा हुआ सूरज मानव को भाप बनाकर सोख गया'

उत्तर: प्रस्तुत पंक्तियां हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तिका गोधूलि, भाग- 2 के काव्यखण्ड के पाठ "हिरोशिमा" से लिया गया है। जिनके कवि सचितानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय जी है।

प्रस्तुत वाक्य में हिरोशिमा पर परमाणु बम का प्रयोग कितना भयानक रहा, इसी का चित्रण किया गया है । प्रस्तुत पंक्ति के द्वारा कवि यह बताना चाह रहा है कि मानव जो अपने आपको बुद्धजीवी वर्ग की संज्ञा देता है वही कभी-कभी अपने बनाये गये जाल में स्वयं उलझकर रह जाता है। यही स्थिति हिरोशिमा पर बम विस्फोट के बाद देखने को मिली। मानव ने बमरूपी सूरज का निर्माण कर के अपने-आपको ब्रह्माण्ड का नियामक समझ लिया था, लेकिन वह विस्फोट मानव को ही भाप बनाकर सोख – लिया, अर्थात् वही विस्फोट मानव के लिए अभिशाप बन गया।

Class 10th hindi ka subjective question answer 2023

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Akshar gyan ka subjective अक्षर ज्ञान सब्जेक्टिव

Ek briksh ki htya subjective question एक वृक्ष की हत्या

prakash ka pravartan tatha apvartan